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मानसिक दिव्यांग बालक का मैनपुरी में मिला पता ।

अलीगढ़ 25 अक्टूबर : उड़ान सोसायटी द्वारा संचालित चाइल्डलाइन के टीम सदस्यों की मेहनत की सुनवाई जब ऊपर वाले की अदालत में हुई तो मैनपुरी के तीन माह से लापता दिव्यांग बालक का पता भी चल गया । कहते हैं कि जब आप अपने काम में जनून की हद तक जुटते हैं तो सारी कायनात भी आपकी मदद करती है । कुछ ऐसा ही वाकया थाना पाली मुकीमपुर से दिनांक तेरह अक्टूबर को प्राप्त दिव्यांग बालक के मामले में भी घटित हुआ। उड़ान सोसायटी के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार संस्था द्वारा संचालित चाइल्डलाइन को थाना पाली मुकीमपुर से लावारिस अवस्था में घूमते हुए एक चौदह वर्षीय बालक के विषय में सूचना प्राप्त हुई थी। जिसे थाना पुलिस द्वारा चाइल्डलाइन की सुपुर्दगी में दे दिया गया। अगले दिन बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। जहां समिति द्वारा बालक का आयु परीक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से कराने के आदेश दिए गए। बालक से बात करते समय चाइल्डलाइन के टीम सदस्य भारत सिंह को उसके हाथ पर कुछ अस्पष्ट से शब्द लिखे हुए मिले । बालक के परिजनों ने उसके दिव्यांग होने के कारण शायद उसके बचपन में ही उसके हाथ पर जानकारी गुदवा दी थी। चाइल्ड लाइन के टीम सदस्य नदीम अहमद व इंटर्न आमिर उन शब्दों को पढ़वाने हेतु शमशाद मार्केट स्थित एक घड़ी बनाने वाले की दुकान पर लेकर गए। जहां लेंस से देखने पर मैनपुरी व बालक के नाम के शब्द व मोबाइल नंबर अस्पष्ट लिखे हुए दिखे। ज्ञानेंद्र मिश्रा द्वारा प्राप्त हुए मोबाइल नंबर को अलग अलग तरीके से मिलाने पर भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बालक ‘ खाला ‘, मलावन व चॉकलेट जैसे शब्द ही बोल पा रहा था। बालक के हाथ पर मैनपुरी गुदे होने व बालक के मलावन शब्द बोलने पर चाइल्डलाइन की टीम ने एटा जिले के मलावन थाने के साथ साथ मैनपुरी जिले के पुलिस कंट्रोल रूम, डीसीआरबी, बाल कल्याण समिति व लगभग 10 थानों में व्यक्तिगत सूचना भेज कर बालक के विषय में जानकारी प्राप्त की। लेकिन कहीं से कोई सटीक सूचना नहीं मिल सकी। अंततः चाइल्डलाइन समन्वयक शीरीन राजेन्द्र ने बाल कल्याण समिति अलीगढ़ से बालक को बालक कल्याण समिति मैनपुरी के समक्ष पेश करने हेतु निवेदन किया। आज जब चाइल्डलाइन के टीम सदस्य नदीम अहमद बालक को मैनपुरी लेकर पहुंचे तो बाल कल्याण समिति कार्यालय के बाहर खड़ी एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री के उसे पहचान लिया । आगनवाड़ी ने बताया कि बालक करीमगंज थाना बिछवां का रहने वाला है। आंगनवाड़ी ने उसके परिजनों से नदीम का संपर्क कराया, जिसके बाद बालक की पहचान गुलफाम पुत्र इदरीस के रूप में हुई। गुलफाम के पिता रिक्शा चलाते हैं। वर्तमान में वह टीवी के मरीज है व घर पर ही है। मैनपुरी में  बाल कल्याण समिति के समक्ष गुलफाम के ताऊ इलियास, बड़ा भाई इरफान व दादी पेश हुए जिन्हें गुलफाम की सुपुर्दगी दे दी गई । परिजनों ने बताया कि गुलफाम की मां रेशमा का देहांत 4-5 वर्ष पूर्व हो चुका है। इसकी एक बड़ी बहन की शादी मलावन में हुई है। गुलफाम गत तीन माह से लापता था लेकिन परिजनों ने उसके विषय में कोई गुमशुदगी नहीं लिखाई थी। आज परिजनों का गुलफाम को पाकर खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। चाइल्ड लाइन के टीम सदस्य नदीम अहमद ने परिजनों से बालक के हाथ पर साफ साफ उसके विषय में गुदवाने व गुम हो जाने की दशा में गुमशुदगी अवश्य कराने हेतु कहा।

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