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उड़ान ने गूगल के माध्यम से लगाया बालिका का पता।

थाना देहली गेट ने दिनांक 6/4/18 को तेरह वर्षीय बालिका को उड़ान सोसाइटी द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन अलीगढ़  की सुपुर्दगी में दिया था | बालिका एक महिला श्रीमती कनीजा को लावारिस अवस्था में  एलाना फैक्ट्री के पास घूमती हुई मिली थी | उन्होंने आठ दिन बालिका को अपने पास रखा और उसका पता खोजने का प्रयास किया परंतु जब कही से भी परिजनों का पता नहीं मिला तब वह उसे लेकर थाना देहली गेट पहुँची | बालिका अपना नाम गुलशन पुत्री स्व. श्री अली अहमद व् मां का नाम श्रीमती कैसर निवासी मनोना  बता रही थी परंतु मानसिक रूप से कुछ  कमज़ोर  होने कि वजह से अपना पता ठीक से बताने में असमर्थ थी |
चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बालिका द्वारा बताए गए मनौना गांव को गूगल के माध्यम से तलाश किया तो पता चला मनौना नाम से एक गांव बरेली जिले की आंवला तहसील व एक गांव मैनपुरी जिले में हैं। बालिका ने बताया कि गांव जाने के लिए वह रात में ग्यारह बजे के लगभग ट्रेन पकड़नी पड़ती है जो सुबह गांव पहुंचाती है। इससे आभास हुआ कि बालिका द्वारा बताया जा रहा गांव बरेली जिले में ही संभव है। तब ज्ञानेंद्र मिश्रा  ने गूगल के माध्यम से ही आंवला थाने का नंबर निकाल कर फोन लगाया और मनोना गांव के प्रधान का फोन नंबर प्राप्त किया। ग्राम प्रधान ने बालिका के मामा ज़ीशान जोकि नाई का काम करता है, से संपर्क कराया।
दिनांक 12/4/18 को बालिका गुलशन की सूचना पाकर  माँ श्रीमती कैसर एवं उसके चाचा सलमान चाइल्ड लाइन कार्यलय आये और जरुरी औपचारिकता पूर्ण कर बालिका गुलशन को बाल कल्याण समिति के समक्ष उसकी माँ श्रीमती कैसर  के सुपुर्द कर दिया गया | परिजनों द्वारा बताया गया कि वह दिनांक 25/3/18 को अपने दूर के रिश्तेतार श्रीमती हिना पत्नी श्री शहीद क़ाज़ी निवासी मैरिस रोड  के यहाँ काम के सिलसिले में  बरेली से अलीगढ़ आये थे | दिनांक 28/4/18 को उनकी एक परिचित महिला श्रीमती शकीला ,बालिका गुलशन को कुछ काम से अपने घर ले गई | उनके अनुसार वह बालिका को वापस  गेट तक छोड़ कर गई  परन्तु बालिका कही और निकल गई और अपना रास्ता भटक गई| करीब एक घंटे बाद जब बालिका कि कुछ खबर नहीं मिली तो परिजनों ने उससे खोजना शुरू कर दिया| जब शाम तक कुछ खबर नहीं मिली तो थाना कवार्सी में बालिका गुलशन कि गुमशुदगी लिखवाई | तीन दिन बाद बालिका की माँ श्रीमती कैसर वापस अपने गाँव मनोना चली गई | परंतु उसके चाचा अलीगढ़ में ही रहते हुए बालिका को खोजने का प्रयास करते रहे | जब कल दिनांक 11 /4/18  चाइल्ड लाइन  अलीगढ़ द्वारा  बालिका गुलशन कि ख़बर मिली तो माँ की आँखे ख़ुशी से भर आई और रात की ही ट्रेन पकड़ कर वह अलीगढ़ पहुँच गई |
फोटो : चाइल्ड लाइन के टीम सदस्यों के साथ बालिका गुलशन व परिजन।
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